अगर मासिक धर्म के दौरान आपके पेट में ऐंठन हो रही है, तो अब समय है कि आप कुछ घरेलू उपचारों को अपनाकर पेट में होने वाली ऐंठन से छुटकारा पायें| आपको मासिक धर्म होने पर स्कूल या काम, ऑफिस पर ना जाने, प्रतिदिन की कुछ गतिविधियों को न करने की आवश्यकता नहीं है|

पीरियड्स आना महिलाओं की जिंदगी का एक सामान्य-सा हिस्सा होता है| मासिक धर्म में पेट दर्द या डिसमेनोरिया बहुत आम होता है| प्रत्येक माह पीरियड्स के दौरान पेट में दर्द होना रक्त के स्राव में सहायक है| यह दर्द प्रत्येक महिला में अलग-अलग होता है; किसी-किसी को असहनीय दर्द होता है और किसी-किसी को न के बराबर दर्द होता है|

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शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिन नामक रसायन गर्भाशय की भित्तियों को सिकोड़ता है| प्रोस्टाग्लैंडिन के अत्यधिक उत्पादन से पेट में अधिक दर्द और मरोड़ होने लगती है| प्रोस्टाग्लैंडिन आँतों को भी सिकोड़ सकता है, जिससे डायरिया के लक्षण दिख सकते हैं| यही कारण है कि मासिक धर्म में पेट में अधिक दर्द या मरोड़ होने पर अक्सर दस्त आने लगते हैं|

मासिक धर्म होना सभी महिलाओं में समान होता है, लेकिन इसमें होने वाले दर्द को भी नकारा नहीं जा सकता है| पीरियड्स के दौरान पेट में अधिक दर्द होने पर उस महिला में दर्द को सहन करने की क्षमता बढ़ जाती है और यहाँ तक कि पीरियड्स खत्म होने के बाद भी वह उतने ही दर्द हो सह सकती है|

मासिक धर्म में पेट दर्द से बचने के उपाय

आजकल डॉक्टर; पीरियड्स में पेट दर्द होने पर दवा लेने की सलाह देते हैं, लेकिन हमारे पास कई घरेलू नुस्खे मौजूद हैं| अगर आपको घरेलू उपचारों के इस्तेमाल में आराम नहीं मिलता है, तो आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं|

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खनिजों और विटामिन से भरपूर भोजन का सेवन करें| कैल्शियम; दर्द, थकान, डिप्रेशन कम करने में सहायक होता है तथा मैग्नीशियम बहुत अधिक रक्तस्राव में सहायता करता है| विटामिन से भरपूर भोजन; पेट की ऐंठन, पेट फूलना और मूड बदलते समय मददगार साबित होते हैं|

यहाँ मासिक धर्म में पेट दर्द का इलाज करने के 6 घरेलू उपाय बताये जा रहे हैं |

विधि 1: हीट थेरेपी

मासिक धर्म में पेट दर्द के लिए हीट थेरेपी लेना एक बहुत प्रभावी उपचार होता है| हीट थेरेपी लेना दवा लेने के लगभग बराबर ही काम करता है| गर्माहट पेट की मांसपेशियों को आराम पहुंचाती है, जिससे मांसपेशियों की ऐंठन में आराम मिलता है और पेट दर्द कम हो जाता है|

मासिक धर्म में पेट दर्द कम करने के लिए आप कई तरीकों से हीट थेरोपी ले सकते हैं, लेकिन गर्म पानी से भरी बोतल या हीटिंग पैड का इस्तेमाल करना सबसे आसान होता है| गर्म पानी से नहाना भी दर्द कम करने में काफी सहायक होता है|

पीरियड्स में पेट में ऐंठन होने पर हीटिंग पैड का उपयोग कीजिये
मासिक धर्म में पेट दर्द से बचने के लिए हीटिंग पैड का इस्तेमाल कीजिये
  • मासिक धर्म में गर्म पानी से भरी बोतलें काफी आरामदायक और फायदेमंद होती हैं| एक रबर के बैग या बोतल में गर्म पानी भरकर इसे अपने पेट पर रख लीजिये| अगर आप पानी गर्म करने के लिए भी बिस्तर से नहीं उठ पा रही हैं, तो किसी से बोल के पानी गर्म करवा लीजिये|
  • मासिक धर्म में पेट में होने वाली ऐंठन से बचने के लिए बिजली से गर्म होने वाले हीटिंग पैड का इस्तेमाल करना काफी आसान रहता है| इन हीटिंग पैड को आप सफ़र में या कहीं भी जाते समय ले जा सकती हैं|
  • अगर आपको बिजली से गर्म होने वाले हीटिंग पैड के इस्तेमाल में असुविधा होती है, तो आप चावल से बने हीटिंग पैड का इस्तेमाल कर सकती हैं| इन राइस हीटिंग पैड को माइक्रोवेव में दो मिनट तक गर्म करने पर कुछ घंटों तक गर्म बने रहते हैं| जब आप काफी थक गयी हों, तो राइस हीटिंग पैड का उपयोग करना काफी अच्छा रहता है|
  • गर्म पानी से नहाना भी काफी असरकारी होता है| कुछ मिनटों तक गर्म पानी से नहाइए और गर्म पानी को ऐंठन वाली जगह से गुजरने दीजिये| इससे मासिक धर्म में पेट दर्द का इलाज किया जा सकता है|
  • अगर आपके पास समय की कमी नहीं है, तो आप बाथ टब में गर्म पानी भरकर इसमें बैठ सकती हैं| ऐसा करने से न केवल पेट में होने वाली ऐंठन में आराम मिलता है, बल्कि शरीर में होने वाले दर्द में काफी सहायक है|

विधि 2: ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस (काला शीरा या राब)

पीरियड्स के दौरान पेट में होनेवाली ऐंठन को कम करने के लिए ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस (काला शीरा या राब) एक प्राकृतिक और सस्ता घरेलू उपचार है| काला शीरा; गन्ने से बनाया जाता है| इसमें विटामिन- बी6, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, मैग्नीज और पोटैशियम अधिक मात्रा में पाए जाते हैं|

इतने सारे खनिजों की अधिक मात्रा पेट में होने वाली ऐंठन में आराम देती है| एक बड़े चम्मच (लगभग 15 ग्राम) ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस (काला शीरा या राब) में हमारे शरीर की प्रतिदिन की खनिजों की आवश्यकता का 20% भाग पाया जाता है| ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस (काला शीरा या राब) को अपने भोजन में शामिल करके आप मासिक धर्म के दौरान पेट में होने वाली ऐंठन को प्रभावी रूप से कम कर देते हैं| आप इसे पानी, दूध या पेय पदार्थों में मिलाकर सेवन कर सकते हैं|

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आवश्यक सामग्री:

ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस (काला शीरा या राब) के इस्तेमाल के लिए आवश्यक सामग्री

  • ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस (काला शीरा या राब) – एक से दो बड़े चम्मच (लगभग 30 ग्राम)
  • गर्म दूध – एक कप (लगभग 250 मिली0)

ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस को गर्म दूध में मिलाइए

गर्म दूध में ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस (काला शीरा या राब) डालिए

  • एक कप गर्म दूध में एक से दो बड़े चम्मच ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस (काला शीरा या राब) डालिए|
  • इसे दूध में अच्छे से मिला लीजिये|

दिन में दो बार इस पेय का सेवन करने से मासिक धर्म में पेट दर्द से निजात मिलता है| आप अपनी आवश्यकतानुसार दो या तीन दिनों तक इसका इस्तेमाल कर सकते हैं|

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तैयार ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस (काला शीरा या राब) पेय का सेवन कीजिये
पीरियड्स में पेट की ऐंठन कम करने के लिए ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस का सेवन कीजिये

विधि 3: दालचीनी चाय

पीरियड्स के कारण होने वाले पेट दर्द को कम करने के लिए दालचीनी काफी लाभकारी होती है| साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती है| यह पेट में ऐंठन के कारण मांसपेशियों में होने वाली मरोड़ को कम करती है| दालचीनी में मौजूद एसेंशियल ऑयल (तेल) जलन, सूजन के लिए फायदेमंद होते हैं|

खाना पकाने और चाय बनाने के आलावा दालचीनी को कच्चा भी खाया जा सकता है| चाय बनाने के लिए आप दालचीनी या दालचीनी पाउडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं|

आवश्यक सामग्री:

दालचीनी चाय बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

  • दालचीनी (मांसपेशियों में मरोड़ को रोकती है) – दो से तीन लकड़ियाँ
  • गर्म पानी -  एक कप (लगभग 250 मिली0)

1. दालचीनी की लकड़ी को गर्म पानी में डालिए

गर्म पानी में दालचीनी की लकड़ी डालिए

  • एक कप गर्म पानी में दालचीनी डालिए|

अगर आपको तीखापन पसंद है, तो आप दालचीनी की मात्रा को बढ़ा सकते हैं| तीन इंच की दालचीनी से तीन से पांच कप चाय तैयार की जा सकती है| कम चाय बनाने के लिए आप दालचीनी को तोड़कर इस्तेमाल कर सकते हैं| अगर आप दालचीनी पाउडर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो एक कप गर्म पानी में एक छोटा चम्मच (लगभग 5 ग्राम) दालचीनी पाउडर का इस्तेमाल कीजिये|

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2. दालचीनी चाय को छान लें

तैयार दालचीनी चाय को छान लीजिये

  • तीन से पांच मिनट के बाद छन्नी की सहायता से एक कप में दालचीनी चाय को छान लीजिये|
  • आप अपनी इच्छानुसार इसमें शहद मिला सकते हैं|

पीरियड्स के दौरान पेट दर्द कम करने के लिए दिन में दो बार दालचीनी चाय का सेवन कीजिये| पेट दर्द खत्म होने तक प्रतिदिन इसका सेवन कीजिये| इससे मासिक धर्म में पेट दर्द का इलाज कीजिये|

तैयार दालचीनी चाय का सेवन कीजिये
पीरियड्स के दर्द को खत्म करने के लिए दालचीनी चाय का सेवन कीजिये

विधि 4: लाल शहतूत (रेड रैस्बेरी) की चाय

लाल शहतूत (रेड रैस्बेरी) के पौधे की पत्तियों से चाय बनाकर इसका सेवन मासिक धर्म में पेट दर्द कम करने में काफी सहायक है| लाल शहतूत की पत्तियों में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो पीरियड्स के दर्द को कम करने में कारगर सिद्ध हो चुके हैं|

लाल शहतूत (रेड रैस्बेरी) की पत्तियों में फैग्रिन नामक यौगिक पाया जाता है, जो गर्भाशय की मांसपेशियों को सिकुड़ने से बचाता है, जिससे रक्त प्रवाह तेजी से होता है और गर्भाशय को आराम मिलता है| इस प्रकार से पेट की ऐंठन कम हो जाती है|

लाल शहतूत (रेड रैस्बेरी) से चाय बनाइये
लाल शहतूत (रेड रैस्बेरी) पेट की ऐंठन कम करने में काफी सहायक होते हैं

आप अपने घर के पीछे के आँगन से शहतूत की ताजी पत्तियों को ले सकते हैं| आपको शहतूत की सूखी पत्तियां आयुर्वेदिक दवा की दुकान या ऑनलाइन आसानी से मिल जायेंगी| शहतूत की पत्तियों को किसी अन्य हर्बल पत्तियों के साथ मिलाकर लेना काफी कारगर रहता है| आप शहतूत (रेड रैस्बेरी) की पत्तियों वाली हर्बल चाय भी खरीद सकते हैं|

विधि 5: अदरक की चाय

मासिक धर्म में पेट दर्द कम करने और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए कई सालों से अदरक का इस्तेमाल होता आ रहा है| अदरक को सूजन खत्म करने के लिए जाना जाता है|

अदरक; प्रोस्टाग्लैंडिन के उत्पादन को कम करती है| यह प्रोस्टाग्लैंडिन मासिक धर्म के दौरान गर्भाशय में संकुचन होने का कारण होता है| प्रोस्टाग्लैंडिन में कमी होने पर डायरिया के लक्षणों में भी आराम मिलता है| अदरक को खून का थक्का जमने की रोकथाम के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है| अदरक में पाया जाने वाला जिन्जेरॉल; सूजन कम करने के लिए जाना जाता है, जिससे पेट दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है|

अगर आप पेप्टिक अल्सर या पित्त की पथरी से जूझ रहे हैं, तो आपको अदरक का सेवन नहीं करना चाहिए| इसके सेवन से मासिक धर्म में पेट दर्द का इलाज किया जा सकता है|

रक्त को पतला करने वाली दवाओं के सेवन में भी अदरक नहीं लेनी चाहिए| इसके लिए आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं|

आवश्यक सामग्री:

अदरक की चाय बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

  • ताजी अदरक, छोटे-छोटे टुकड़ों में काटी गयी (दर्द कम करती है) – एक इंच
  • गर्म पानी- एक कप (लगभग 250 मिली0)

1. अदरक को गर्म पानी में डालिए

गर्म पानी में अदरक डालिए

  • एक इंच ताजी अदरक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें|
  • अदरक के टुकड़ों को एक कप गर्म पानी में डाल दें|
  • इसे तीन से पांच मिनट तक पानी में ही रहने दीजिये|

2. अदरक की तैयार चाय को छान लीजिये

तैयार चाय को छान लीजिये

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  • छन्नी की सहायता से चाय को एक कप में छान लीजिये|
  • आप अपनी इच्छनुसार चाय में शहद मिला सकते हैं| आप इस चाय में नींबू के रस की कुछ बूँदें भी मिला सकते हैं|

पीरियड्स के दौरान होने वाले पेट दर्द से छुटकारा पाने के लिए दिन में दो से तीन बार इस चाय का सेवन कीजिये| पेट दर्द खत्म होने के बाद भी आप इस चाय का सेवन कर सकते हैं|

तैयार अदरक की चाय का आनंद लीजिये
पीरियड्स में पेट दर्द से बचने के लिए अदरक की चाय का सेवन कीजिये

विधि 6: सेब का सिरका

पीरियड्स के दौरान पेट की ऐंठन कम करने के लिए सेब का सिरका काफी सहायक होता है| यह गर्भाशय की मांसपेशियों को आराम पहुंचाकर मरोड़ को कम करता है| सेब का सिरका अत्यधिक रक्तस्राव और मासिक धर्म के लक्षणों; जैसे पेट फूलना, मूड बदलना और चिड़चिड़ापन को नियंत्रित करने में सहायक है|

आधी रात में मासिक धर्म में पेट दर्द होने पर सेब के सिरके का पेय पीना सबसे सरल तरीका होता है| इससे मासिक धर्म में पेट दर्द का इलाज किया जा सकता है|

आवश्यक सामग्री:

सेब के सिरके का सेवन करने के लिए आवश्यक सामग्री

  • सेब का सिरका (गर्भाशय की मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है) – एक से दो बड़े चम्मच (लगभग 30 मिली0)
  • गर्म पानी – एक कप (लगभग 250 मिली0)

गर्म पानी में सेब का सिरका डालिए

सेब के सिरके को गर्म पानी में डालिए

  • एक कप गर्म पानी में एक से दो बड़े चम्मच सेब का सिरका डालकर अच्छे से मिला लीजिये|

मासिक धर्म के दर्द को कम करने के लिए दिन में तीन बार सेब के सिरके के पेय का सेवन कीजिये|

तैयार सेब के सिरके के पेय का सेवन कीजिये
सेब के सिरके से मासिक धर्म के दर्द में तुरंत आराम मिलता है

सुझाव

  • आप खाना पकाने में ब्लैकस्ट्रैप मोलासेस (काला शीरा या राब) का इस्तेमाल कर सकते हैं या पेयों को मीठा करने के लिए उपयोग कर सकते हैं|
  • मासिक धर्म होने पर अल्कोहल और कैफीन के अत्यधिक सेवन से बचें क्योंकि इनसे पेट में दर्द बढ़ता है|
  • विटामिन और खनिज से भरपूर भोजन का सेवन करें| अपने भोजन में एलोवेरा और केले को शामिल करना भी लाभदायक रहता है| मासिक धर्म में पर्याप्त मात्रा में पानी पीजिये क्योंकि डीहाइड्रेशन से पेट की ऐंठन बढ़ती है|
  • व्यायाम करना न भूलें| मासिक धर्म में हल्के व्यायाम और योग करना भी फायदेमंद होता है| यह एक आम धारणा है कि व्यायाम करने से पेट की ऐंठन बढ़ती है, लेकिन व्यायाम करने से एन्ड्रोफिन नामक रसायन का स्राव होता है, जो दर्द को कम करता है| व्यायाम करने से हमारा शरीर ऐंठन को सहने के लिए तैयार हो जाता है|
  • नियमित रूप से व्यायाम करने से पेट दर्द से निजात मिलती है| थकान आदि को कम करने के लिए पर्याप्त नींद लें|
  • कुछ महिलायें मासिक धर्म के दर्द को कम करने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं| अगर आपको मासिक धर्म में दर्द बना ही रहता है, तो गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लीजिये|
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