अगर आपको कभी भी मूत्रमार्ग में संक्रमण (यूटीआई) हुआ है, तो आप इससे जूझने के दर्द को भली-भांति जानते होंगे|  मूत्रमार्ग में संक्रमण (यूटीआई) होने पर बहुत तेज जलन और दर्द होता है| इसलिए आपको तुरंत इसका इलाज कराना चाहिए| लेकिन एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक सेवन भी हमारे शरीर के लिए अच्छा नहीं होता है|

मूत्रमार्ग में संक्रमण (यूटीआई) के लिए ई. कोलाई बैक्टीरिया जिम्मेदार होते हैं| ये बैक्टीरिया मूत्राशय में पहुँचकर संक्रमण बनाते हैं, इसे सिस्टाइटिस कहा जाता है| अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया गया, तो यह किडनी में पहुँचकर संक्रमण को और भी बढ़ा देता है|

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मूत्रमार्ग में संक्रमण (यूटीआई) किसी को भी हो सकता है| लेकिन अधिकांशतः यह महिलाओं में होता है| यही कारण है कि स्त्रियों का मूत्रमार्ग; पुरुषों के मूत्रमार्ग से छोटा होता है|

आमतौर पर मूत्रमार्ग के संक्रमण (यूटीआई) का इलाज करने के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन की सलाह देते हैं| लेकिन संक्रमण के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया को हर बार एंटीबायोटिक से मारने की कोशिश में ये बैक्टीरिया एंटीबायोटिक दवाओं के आदी हो जाते हैं| आपके पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पर भी एंटीबायोटिक दवाएं बुरा असर डालती हैं|

बिना एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करे ही मूत्रमार्ग के संक्रमण से छुटकारा पायें

इस संक्रमण का पहला लक्षण दिखने पर ही आपको प्राकृतिक उपचारों का इस्तेमाल आरम्भ कर देना चाहिए| इसलिए चाहे आपको पहली बार यह संक्रमण हुआ हो या कई बार; प्राकृतिक घरेलू उपचारों के इस्तेमाल से लम्बे समय तक चलने वाले इलाज से छुटकारा मिल जाता है| अगर इन उपचारों के इस्तेमाल के बाद भी आपको मूत्रमार्ग में संक्रमण के लक्षण दिखते रहते हैं, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए|

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यहाँ मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) से छुटकारा पाने के घरेलू उपचार बताये जा रहे हैं|

विधि 1:  पानी

आपको अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए
पर्याप्त पानी पीकर यूटीआई का उपचार करें

मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) से बचने के लिए आपको अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जा रही है| शरीर में पर्याप्त पानी होने से संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया को शरीर से बाहर निकलने में मदद मिलती है| आपको यह जानकार हैरानी होगी कि शरीर में पानी की पूर्ति करके कई प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है|

  • आपको दिन में कम-से-कम आठ से दस गिलास पानी पीने की आदत बनानी चाहिए|
  • लेकिन यूटीआई की समस्या से जल्द निजात पाने के लिए आपको प्रतिदिन पानी पीने की मात्रा और अधिक बढ़ानी चाहिए| मूत्रमार्ग संक्रमण होने पर आप दस से बारह गिलास पानी पीजिये|

याद रखिये कि आप जितने भी बार पेशाब (मूत्र त्याग) करते हैं, हर बार मूत्र के साथ कुछ बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकल जाते हैं| अगर आप अधिक मात्रा में पानी पी रहे हैं, तो आप संक्रमण खत्म करने वाले बैक्टीरिया को जल्द से जल्द शरीर से बाहर निकाल सकते हैं| अधिक मात्रा में पानी पीने से आपका प्रतिरक्षा तंत्र संक्रमण को खत्म करने में सहायता करता है|

विधि 2. करौंदा (क्रैनबेरी)

करौंदा (क्रैनबेरी) मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) खत्म करने का उपचार है
मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) खत्म करने के लिए करौंदे के रस का सेवन कीजिये

करौंदे (क्रैनबेरी) का रस अम्लीय होता है, जो मूत्राशय से चिपके हुए बैक्टीरिया की पकड़ को कमजोर बना देता है| जब ये बैक्टीरिया मूत्राशय की दीवार से चिपक नहीं पाते हैं, तो ये आसानी से शरीर से बाहर निकल जाते हैं| इससे संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया बढ़ते नहीं हैं और संक्रमण से छुटकारा मिल जाता है|

मूत्रमार्ग के संक्रमण (यूटीआई) के इलाज के लिए बिना चीनी मिला हुआ, बिना पका हुआ करौंदे के रस का इस्तेमाल कीजिये| यह आपको बहुत खट्टा लगेगा, लेकिन संक्रमण खत्म करने के लिए यह काफी फायदेमंद होता है|

  • बेहतर परिणाम पाने के लिए दिन में दो से तीन गिलास करौंदे के रस का सेवन कीजिये|
  • आप प्रतिदिन आधा गिलास करौंदे का रस पीने की आदत बनाइये| इससे आप भविष्य में होने वाले मूत्रमार्ग के संक्रमण (यूटीआई) से बच सकते हैं|
  • आप ताजे करौंदे का सेवन भी कर सकते हैं| आप इसे खिचड़ी, ओटमील में भी मिला सकते हैं| आप करौंदे की चटनी भी बना सकते हैं|

मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) से छुटकारा पाने के घरेलू उपचार के रूप में करौंदे के रस का सेवन कीजिये| ब्लूबेरी भी करौंदे की तरह मूत्रमार्ग के संक्रमण से छुटकारा दिलाने में काफी कारगर होती हैं| आप करौंदे की तरह ही ब्लूबेरी का भी सेवन कर सकते हैं|

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विधि 3: सेब का सिरका

मूत्रमार्ग के संक्रमण से निजात पाने के लिए सेब का सिरका एक अच्छा घरेलू उपचार है| मूत्रमार्ग के संक्रमण को जितनी जल्दी खत्म कर दिया जाए उतना ही अच्छा रहता है| अगर आपकी रसोई में थोड़ा-सा सेब का सिरका रखा है, तो अगर कभी भी मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) के लक्षण दिखते हैं, तब आपको घबराने की जरूरत नहीं है|

सेब का सिरका सूक्ष्म जीवाणुओं को मारता है, जिससे संक्रमण से राहत मिलती है| सेब के सिरके में पाए जाने वाले एंजाइम और खनिज तत्व; संक्रमण के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया को खत्म कर देते हैं| सेब का सिरका अम्लीय होता है, जो मूत्रमार्ग के लिए अच्छा माना जाता है तथा यह पेट में अच्छे बैक्टीरिया को भी जन्म देता है|

  • अच्छे परिणाम पाने के लिए शुद्ध सेब के सिरके का सेवन कीजिये|

आवश्यक सामग्री:

सेब के सिरके का सेवन करने के लिए आवश्यक सामग्री

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  • सेब का सिरका – एक बड़ा चम्मच (लगभग 15 मिली0)
  • गर्म पानी – एक गिलास (लगभग 250 मिली0)

सेब के सिरके को गर्म पानी में मिलाइए

गर्म पानी में सेब का सिरका डालिए

  • एक गिलास गर्म पानी में एक बड़े चम्मच सेब का सिरका डालकर अच्छे से मिला दीजिये|
  • मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) से राहत पाने के लिए तैयार पेय का सेवन कीजिये|

तैयार पेय को स्वादिष्ट बनाने के लिए आप इसमें मीठी तुलसी (स्टेविया) भी मिला सकते हैं| आप इसे हल्का मीठा करने के लिए शुद्ध शहद भी मिला सकते हैं| शुद्ध शहद में भी एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं|

मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) से छुटकारा पाने घरेलू उपचार के लिए आप सेब के सिरके को किसी रस (जूस) में मिलाकर भी पी सकते हैं|

गर्म पानी में सेब का सिरका मिलाकर इसका सेवन कीजिये
मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) खत्म करने का प्राकृतिक उपचार है, सेब का सिरका

विधि 4: लहसुन

लहसुन में प्राकृतिक एंटीबायोटिक पाए जाते हैं
लहसुन के इस्तेमाल से मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) को खत्म कीजिये

अगर आप बार-बार होने वाले मूत्रमार्ग के संक्रमण से परेशान है और एंटीबायोटिक दवाएं असर नहीं कर रही हैं, तो लहसुन के इस्तेमाल से आपको काफी आराम मिलेगा| लहसुन में पाए जाने वाले एलेसिन और सल्फर यौगिक विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया, वायरस, फंगस(कवक) और प्रोटोजोआ को खत्म करने के लिए फायदेमंद साबित हुए हैं| आप प्राकृतिक एंटीबायोटिक लेने के लिए लहसुन का सेवन कीजिये|

लहसुन एंटीबायोटिक होने के साथ-साथ जलन को भी खत्म करता है| इस प्रकार से यह मूत्रमार्ग के संक्रमण के लक्षणों को भी खत्म करता है| आप कच्चा लहसुन खा सकते हैं या लहसुन की चाय पी सकते हैं| मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) के इलाज का यह एक घरेलू नुस्खा है|

  • लहसुन की फांकियों को छीलकर इनका सेवन करें| लहसुन को चबाना आवश्यक नहीं है| आप इसे कैप्सूल की तरह भी पानी के साथ ले सकते हैं| नियमित रूप से दिन में तीन से चार लहसुन की फांकियों का सेवन करें|
  • आप लहसुन की कुछ फांकियों को पीसकर गर्म पानी में मिलाकर सेवन कर सकते हैं| मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) से छुटकारा पाने के घरेलू उपचार के लिए गर्म पानी में लहसुन की फांकियों को पीसकर डालने के तीन से पांच मिनट के बाद इस चाय का सेवन कीजिये| आप दिन में एक या दो बार इस चाय का सेवन कर सकते हैं|

विधि 5: बेकिंग सोडा

आप मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) के दर्द से तुरंत आराम पाने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कर सकते हैं| बेकिंग सोडा मूत्र(यूरिन) की अम्लता को बेअसर करने और हर बार पेशाब करने से होने वाली जलन को कम करने में सहायक है| बेकिंग सोडा मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) में जल्द राहत देता है|

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आवश्यक सामग्री:

बेकिंग सोडा के इस्तेमाल के लिए आवश्यक सामग्री

  • बेकिंग सोडा – एक छोटा चम्मच (लगभग 5 ग्राम)
  • पानी – एक गिलास (लगभग 250 मिली0)

बेकिंग सोडा को पानी में मिला दीजिये

पानी में बेकिंग सोडा मिलाइए

  • एक गिलास पानी में एक छोटा चम्मच बेकिंग सोडा डालिए|
  • इसे चलाकर बेकिंग सोडा को पानी में पूरी तरह से घोल दीजिये|
  • मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) से छुटकारा पाने के घरेलू उपचार के लिए दिन में एक बार सोकर उठने के बाद बेकिंग सोडा के पानी का सेवन कीजिये|
नोट: बेकिंग सोडा के पानी का सेवन एक सप्ताह से अधिक न करें| ऐसा करने से संक्रमण ठीक होने के बजाय आपकी हालत और भी खराब हो सकती है| अगर आप प्रतिदिन सोडियम; जैसे नमक का सेवन करते हैं, तो आपको बेकिंग सोडा के पानी का सेवन करने की कोई आवश्यकता नहीं है|
बेकिंग सोडा का पानी तैयार है
बेकिंग सोडा के पानी का सेवन से मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) को खत्म किया जा सकता है

सुझाव

  • अगर आपको बार-बार मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) होता है, तो अपने डॉक्टर से मिलकर इसका कारण जानने की कोशिश कीजिये और सही उपचार कीजिये|
  • मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) होने पर गुप्तांगों पर सुगन्धित साबुन, महिलाओं की व्यक्तिगत स्वच्छता वाले उत्पाद, टैलकम पाउडर आदि का इस्तेमाल न करें|
  • ऊपर बताये गए उपाय मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) से छुटकारा पाने के घरेलू उपचार हैं|
  • मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) होने पर बाल्टी, मग से नहाने से बेहतर है कि आप शावर से नहायें|
  • पेशाब आने पर कभी भी इसे रोकें नहीं|
  • हर बार पेशाब करने के बाद उस अंग को साफ़ करने की आदत बनायें| इससे आप भविष्य में होने वाले संक्रमण से बच सकते हैं|
  • संबंध बनाने के बाद पेशाब करना न भूलें| ऐसा करने से संबंध बनाने से होने वाले संक्रमण से बचा जा सकता है|
  • सूती अंडरवियर पहनें|
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