यीस्ट इन्फेक्शन (खमीर संक्रमण) को डॉक्टर की भाषा में कैंडिडिआसिस (Candidiasis) कहा जाता है| यह सूक्ष्म यीस्ट या कवक के कारण होता है, इन कवकों को कैण्डिडा एल्‍बीकैंस कहते हैं|

यह इन्फेक्शन अधिकतर योनि क्षेत्र में होता है, लेकिन कभी-कभी यह निचले पेट, स्तनों के नीचे, डेन्चर पर, नाखूनों के नीचे और जिस जगह पर त्वचा मुड़ी हुई होती है, वहां भी हो सकता है| यीस्ट इन्फेक्शन (खमीर संक्रमण) के  इलाज के लिए आप घरेलू उपचारों का इस्तेमाल कर सकते हैं|

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गर्भावस्था, खराब स्वास्थ्य, तनाव, डायबिटीज, गर्भनिरोधक गोलियों और एंटीबायोटिक्स के सेवन से भी यीस्ट इन्फेक्शन का ख़तरा बना रहता है| इन्फेक्शन वाली जगह पर जलन, खुजली या सूजन भी हो सकती है|

घरेलू नुस्खों से करें यीस्ट इन्फेक्शन का इलाज

यदि यह इन्फेक्शन योनि क्षेत्र में है, तो यौन क्रिया के समय आपको दर्द या असहज महसूस हो सकता है| इन्फेक्शन होने पर योनि स्राव में से कोई गंध नहीं आती है या फिर मूत्र त्याग करते समय जलन हो सकती है|

योनि क्षेत्र में यीस्ट इन्फेक्शन (खमीर संक्रमण) होना महिलाओं की एक आम समस्या है| कई पुरुषों को भी अपने पूरे जीवन में एक बार इस इन्फेक्शन से गुजरना पड़ता है| अधिकांश महिलाओं में यह इन्फेक्शन मासिक धर्म के बंद हो जाने के बाद होता है, जिससे शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है, इसके परिणामस्वरुप योनि भित्तियां पतली होती जाती हैं|

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एंटीफंगल दवाओं के नियमित सेवन से इस इन्फेक्शन से छुटकारा पाया जा सकता है, लेकिन अधिकांश लोग प्राकृतिक उपचारों के इस्तेमाल को बेहतर मानते हैं|

यहाँ यीस्ट इन्फेक्शन (खमीर संक्रमण) के घरेलू इलाज के आठ नुस्खे बताये जा रहे हैं| इनके इस्तेमाल से आप बहुत कम समय में तुरंत आराम पा लेंगे और इन उपचारों के कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते हैं|

Contents

विधि 1: सेब का सिरका

सेब का सिरका एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक होता है| शरीर के कई विकारों के लिए सेब का सिरका किसी चमत्कार से कम नहीं है|

यह शरीर को बैक्टीरिया, कवक और इन्फेक्शन पैदा करने वाले अन्य कीटाणुओं को खत्म करने की शक्ति प्रदान करता है| यह शरीर के pH  स्तर को भी नियंत्रण में रखता है| इस प्रकार से यह इन्फेक्शन को बढ़ने से रोकता है क्योंकि योनि के निम्न pH  स्तर में यीस्ट पनप नहीं सकता है| सेब का सिरका आँतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में सहायक है| इसलिए यह यीस्ट इन्फेक्शन के खिलाफ रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देता है|

दिन में दो बार सेब के सिरके का इस्तेमाल कीजिये

सेब का सिरका इन्फेक्शन को बढ़ने से रोकता है
यीस्ट इन्फेक्शन का आसान घरेलू उपाय
  • थोड़ी सी रुई में सेब का सिरका ले लीजिये|
  • अब इसे यीस्ट इन्फेक्शन से प्रभावित जगह पर लगाइए|
  • आप इसे 15 मिनट या इससे भी अधिक समय (जितनी देर तक आपको इससे जलन न हो) के लिए लगाए रख सकते हैं|
  • फिर इसे गुनगुने पानी से धो लीजिये|

इसे दिन में दो बार इस्तेमाल कीजिये|

कोमल अंगों में उपयोग के लिए सेब के सिरके में समान मात्रा में पानी मिलाकर इस्तेमाल कीजिये|

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आप एक गिलास (लगभग 250 मिली0) साफ़ पानी में एक से दो बड़े चम्मच (लगभग 30 मिली0) रॉ, कार्बनिक सेब का सिरका मिलाकर इसका सेवन भी कर सकते हैं| यीस्ट इन्फेक्शन के इलाज के लिए आप दिन में दो बार इस मिश्रण का सेवन कर सकते हैं|

विधि 2: दही (योगर्ट)

दही (योगर्ट) में लैक्टोबेसिलस एसिडोफिलस पाया जाता है, यह एक अच्छा बैक्टीरिया होता है, जो शरीर के बुरे बैक्टीरिया और कवक से हमारी रक्षा करता है| शरीर में अच्छे बैक्टीरिया का नियमित संतुलन बनाकर दही (योगर्ट); यीस्ट इन्फेक्शन को बढ़ने से रोकता है|

हमेशा सादा, बिना चीनी मिले दही (योगर्ट) का सेवन करें| किसी भी फ्लेवर के दही (योगर्ट) का सेवन न करें| चीनी मिलाने से या फ्लेवर युक्त दही (योगर्ट) के अच्छे बैक्टीरिया मर जाते हैं|

दही (योगर्ट) को त्वचा पर लगाइए

दही (योगर्ट) का सेवन स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा होता है
यीस्ट इन्फेक्शन खत्म करने के लिए दही (योगर्ट) का सेवन कीजिये
  • थोड़े-से दही (योगर्ट) को प्रभावित त्वचा पर लगाइए|
  • इसे सूखने के लिए आधे घंटे तक छोड़ दीजिये| आप इसे पूरी रात भी लगाए रख सकते हैं|
  • फिर गुनगुने पानी से धो लीजिये|

जब तक आप यीस्ट इन्फेक्शन से छुटकारा नहीं पा जाते, तब तक दिन में एक बार दही (योगर्ट) का इस्तेमाल करते रहिये|

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आप प्रतिदिन दही (योगर्ट) का सेवन भी कर सकते हैं|

विधि 3: बोरिक एसिड कैप्सूल

बोरिक एसिड में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो बैक्टीरिया के कारण होने वाले इन्फेक्शन को बढ़ने से रोकता है|

आवश्यक सामग्री:

बोरिक एसिड के इस्तेमाल के लिए आवश्यक सामग्री

  • बोरिक एसिड (बैक्टीरिया के कारण होने वाले इन्फेक्शन को बढ़ने से रोकता है)
  • जिलेटिन की खाली कैप्सूल

1. जिलेटिन कैप्सूल में बोरिक एसिड भरिये

बोरिक एसिड को जिलेटिन कैप्सूल में भरिये

  • जिलेटिन की सात खाली कैप्सूल में बोरिक एसिड (प्रत्येक में लगभग 600 मिग्रा0) भरिये|

2. हर रात एक कैप्सूल को योनि मार्ग में रखिये

तैयार बोरिक एसिड कैप्सूल को योनि मार्ग में रखें
एक सप्ताह तक इसके इस्तेमाल से यीस्ट इन्फेक्शन से छुटकारा मिलता है
  • लगातार सात दिनों तक हर रात सोते समय एक कैप्सूल को योनि मार्ग में रखिये|

अगर इसके इस्स्तेमाल से आपको यीस्ट इन्फेक्शन में आराम मिल रहा है, तो इस उपचार को दो हफ़्तों तक इस्तेमाल कीजिये|

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जब आपको यीस्ट इन्फेक्शन शरीर के किसी अन्य भाग में हुआ है, तो 1:3 के अनुपात में बोरिक एसिड और पानी का मिश्रण बनाकर प्रभावित त्वचा पर लगाइए| इसे दस मिनट तक त्वचा पर लगा रहने दीजिये और फिर सादे पानी से धो लीजिये| यीस्ट इन्फेक्शन (खमीर संक्रमण) के  इलाज़ के लिए दो सप्ताह तक प्रतिदिन इस उपचार का इस्तेमाल कीजिये|

नोट: गर्भवती महिलाओं को बोरिक एसिड के इस्तेमाल की सलाह नहीं दी जाती है| इस उपचार के इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य ले लें| यदि बोरिक एसिड को खुले घावों पर इस्तेमाल किया जाता है, तो इससे आपकी त्वचा में जलन हो सकती है|

विधि 4: सेब का सिरका, नमक और सफ़ेद सिरके का इस्तेमाल

सेब का सिरका और सफ़ेद सिरका शरीर का pH स्तर नियंत्रित करने में सहायक हैं| नमक त्वचा को साफ़ करने और गंध दूर करने का काम करता है|

आवश्यक सामग्री:

सफ़ेद सिरका, सेब का सिरका और नमक के इस्तेमाल के लिए आवश्यक सामग्री

  • सेब का सिरका – एक चौथाई कप (लगभग 60 मिली0)
  • सफ़ेद सिरका (शरीर का pH स्तर नियंत्रित करने में सहायक) - एक चौथाई कप (लगभग 60 मिली0)
  • सफ़ेद नमक (सफाई करता है)

1. सेब का सिरका, सफ़ेद सिरका और नमक को मिलाइए

सफ़ेद सिरका, नमक और सेब का सिरका मिलाइए

  • एक कटोरे में एक-एक चौथाई कप सेब का सिरका और सफ़ेद सिरका निकालिए|
  • इसमें थोड़ा-सा सफ़ेद नमक मिलाइए|
  • इन्हें अच्छे से मिला लीजिये|

2. तैयार मिश्रण को बाथटब के गर्म पानी में मिला दें और इसमें कुछ देर बैठ जाएँ

बाथटब के गर्म पानी में तैयार मिश्रण को मिला दीजिये
प्रतिदिन इस पानी से नहाने से यीस्ट इन्फेक्शन जल्द-से-जल्द खत्म हो जाता है
  • बाथटब में गर्म पानी भर लें|
  • तैयार मिश्रण को इस टब में डालकर अच्छे से मिला लें|
  • अब 45 से 60  मिनट के लिए इसमें बैठ जाएँ|

दिन में दो बार इस उपचार का इस्तेमाल कीजिये|

अगर आप चाहें तो सेब के सिरके या सफ़ेद सिरके और पानी को 1:2 के अनुपात में मिलाकर प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं| इसे आधे घंटे तक ऐसे ही लगा रहने दीजिये और फिर पानी से धो लीजिये|

विधि 5: लहसुन

लहसुन में एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं, जो यीस्ट इन्फेक्शन से छुटकारा पाने के लिए काफी होते हैं| लहसुन; त्वचा की सूजन कम करने का भी काम करता है|

लहसुन के पेस्ट का प्रतिदिन इस्तेमाल कीजिये

लहसुन को छीलकर पेस्ट बना लीजिये
यीस्ट इन्फेक्शन से छुटकारा पाने के लिए लहसुन एक अच्छा उपचार है
  • लहसुन की दो से तीन फांकियों को छील लीजिये|
  • इन्हें पीसकर पेस्ट बना लीजिये|
  • तैयार पेस्ट को प्रभावित त्वचा पर लगाइए|
  • इसे तीस से चालीस मिनट तक त्वचा पर लगा रहने दीजिये और फिर सादे पानी से धो लीजिये|

दिन में एक बार इस उपचार का इस्तेमाल कीजिये|

नोट: ध्यान रहे कि आपको लहसुन के पेस्ट को केवल प्रभावित त्वचा पर ही लगाना है| जिस जगह पर इन्फेक्शन नहीं है, वहां लगाने से आपकी त्वचा में जलन या खुजली हो सकती है|

विधि 6: नारियल तेल का इस्तेमाल

नारियल तेल में एंटीफंगल गुण पाया जाता है, जो इन्फेक्शन (संक्रमण) पैदा करने वाले कवक को मारता है|

दिन में दो बार नारियल तेल का इस्तेमाल कीजिये

नारियल तेल फंगस को मारने का काम करता है
यीस्ट इन्फेक्शन के लिए नारियल तेल काफी प्रभावी होता है
  • प्रभावित त्वचा पर नारियल तेल लगाइए|

दिन में दो या तीन बार जब तक इन्फेक्शन (संक्रमण) खत्म नहीं हो जाता, तब तक इसका इस्तेमाल कीजिये|

आप नारियल और दालचीनी तेल की समान मात्रा को मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं|

विधि 7: टी ट्री तेल

टी ट्री तेल में एंटीफंगल गुण पाया जाता है, जो इन्फेक्शन (संक्रमण) पैदा करने वाले कवक और बैक्टीरिया को मारने में सहायक है|

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आवश्यक सामग्री:

टी ट्री तेल के इस्तेमाल के लिए आवश्यक सामग्री

  • टी ट्री तेल (एंटीफंगल गुण)
  • पानी

पानी में टी ट्री तेल मिलाकर इस्तेमाल कीजिये

टी ट्री तेल और पानी को मिलाकर इस्तेमाल कीजिये
टी ट्री तेल किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन खत्म करने का काम करता है
  • तीन बड़े चम्मच (लगभग 45 मिली0) पानी में टी ट्री तेल की तीन से चार बूँदें डालिए|
  • तैयार मिश्रण को थोड़ी-सी रुई में लेकर प्रभावित त्वचा पर लगाइए|

इसे दिन में दो से तीन बार इस्तेमाल कीजिये| यीस्ट इन्फेक्शन से छुटकारा पाने तक इस उपचार का इस्तेमाल कीजिये|

नोट: गर्भवती महिला को टी ट्री तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि यह आपकी कोख में पल रहे बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है|

विधि 8: हाइड्रोजन परॉक्साइड

इन्फेक्शन (संक्रमण) के लिए जिम्मेदार कवक को खत्म करने के लिए हाइड्रोजन परॉक्साइड प्रभावी रूप से काम करता है और इन्फेक्शन को फैलने से रोकता है|

आवश्यक सामाग्री:

हाइड्रोजन परॉक्साइड के इस्तेमाल के लिए आवश्यक सामग्री

  • 3 % हाइड्रोजन परॉक्साइड (इन्फेक्शन को फैलने से रोकता है)
  • पानी – एक कप (लगभग 250 मिली0)

हाइड्रोजन परॉक्साइड में पानी मिलाकर इस्तेमाल कीजिये

पानी और हाइड्रोजन परॉक्साइड को मिला लीजिये
इस मिश्रण के इस्तेमाल से यीस्ट इन्फेक्शन खत्म हो जाता है
  • एक कप पानी में एक छोटा चम्मच (लगभग 5 मिली0) 3 % हाइड्रोजन परॉक्साइड मिलाइए|
  • रुई में थोड़ा-सा मिश्रण लेकर इसे प्रभावित त्वचा पर लगाइए|
  • इसे दो घंटे तक लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें|

यीस्ट इन्फेक्शन (खमीर संक्रमण) के  इलाज के लिए दिन में दो बार इस उपचार का इस्तेमाल कीजिये|

सुझाव

  • अधिक कसे कपड़े या पॉलिएस्टर और नायलॉन के बने कपड़े पहनने से बचें क्योंकि इन कपड़ों में नमी जमा हो जाती है| सूती अंडरवियर पहनना आरम्भ कीजिये|
  • योनि क्षेत्र के लिए सुगन्धित सैनिटरी पैड, टैम्पोन, कठोर साबुन, डिटर्जेंट, पाउडर और सुगन्धित स्प्रे का इस्तेमाल न करें| इनके इस्तेमाल से आपके योनि क्षेत्र में खुजली हो सकती है और प्राकृतिक बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है|
  • योनि क्षेत्र को बहुत अधिक बार धोने से बचें क्योंकि इससे भी प्राकृतिक बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है| ये प्राकृतिक बैक्टीरिया इन्फेक्शन रोकने में सहायक होते हैं| आपको योनि क्षेत्र को केवल बाहर से सौम्य साबुन और पानी से ही धोना है|
  • यीस्ट इन्फेक्शन को खत्म करने के लिए अपने डॉक्टर से मिलें|
  • किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन से बचने के लिए खान-पान का विशेष ध्यान रखें| डेयरी उत्पाद, सफ़ेद आटा, चीनी, अल्कोहल और खमीरयुक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें| विटामिन-सी, जिंक और बीटा कैरोटीन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर भोजन का सेवन करें| ये भोजन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं|
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