आप सभी बुखार आने से भली भांति परिचित होंगे| बुखार कई कारणों से आ सकता है; जैसे मौसम में बदलाव, सर्दी या फ्लू, दवाओं का विपरीत प्रभाव आदि| यहाँ हम बुखार में होने वाली असहजता का जल्द से जल्द इलाज करने के लिए कुछ प्रभावी तरीकों के बारे में बता रहे हैं|

बुखार आने पर घरेलू उपचारों को अपनाएँ

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बुखार आने के कारण और लक्षण

  • किसी मनुष्य के शरीर का सामान्य तापमान 6° फारेहाइट या 37° सेल्सियस होता है| जब हमारे शरीर का तापमान 100.4° फारेहाइट या 38° सेल्सियस से अधिक हो जाता है, तो हमें बुखार होता है|
  • शरीर में किसी तरह का रोग होने का पहला लक्षण बुखार होता है| प्रतिरक्षा तंत्र की प्रतिक्रिया के कारण ही शरीर का तापमान बढ़ जाता है, ताकि हमारा शरीर बुखार के इन्फेक्शन (संक्रमण) से लड़ सके|
  • सामान्य सर्दी, फ्लू, मलेरिया, इन्फेक्शन (संक्रमण), मोनो वायरस या एचआईवी भी बुखार आने के कारण हो सकते हैं|
  • एंटीबायोटिक्स, नैरोटिक्स और एंटीहिस्टामिन दवाओं के सेवन के विपरीत प्रभाव पड़ जाते हैं, जिससे बुखार आता है|
  • दिल का दौरा, नाक से खून निकलना और किसी भी प्रकार भी सर्जरी भी बुखार का कारण हो सकती है|
  • बुखार के साथ-साथ सुस्ती, तनाव, कम भूख लगना, नींद न आना, ध्यान लगाने में तकलीफ और शरीर में दर्द की भी शिकायत रहती है| आपको शरीर में दिखने वाले लक्षणों की सही जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए|

बुखार का इलाज

अगर आपको निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए:

  • आपके शरीर का तापमान 103° फारेनहाइट से अधिक है या आपको सिर दर्द की शिकायत, गर्दन में अकड़न, कान का दर्द, शरीर पर चक्कते, पानी की कमी (डीहाइड्रेशन), डायरिया या उल्टी आना|
  • अट्ठारह महीने से कम उम्र के बच्चे के शरीर का तापमान 4° फारेनहाइट होना|
  • एक सप्ताह से अधिक बुखार होना|

सिर्फ बुखार होने पर आप कुछ घरेलू उपचारों के इस्तेमाल से इसका इलाज कर सकते हैं क्योंकि बुखार होने पर दवाओं की कोई आवश्यकता नहीं होती है|

बुखार कम करने के लिए आमतौर पर पेरासिटामोल का इस्तेमाल किया जाता है| रेये सिंड्रोम, लिवर और किडनी के खराब होने पर टाइलेनोल और इबुप्रोफेन दवाओं के सेवन की सलाह दी जाती है|

बुखार होना किसी इन्फेक्शन (संक्रमण) या घाव को खत्म करने का एक तरीका होता है| अगर आपको तेज बुखार है, तो आपको बुखार कम करने के घरेलू नुस्खों को अपनाना चाहिए|

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बुखार होने पर शरीर को पर्याप्त आराम की जरूरत होती है| इस अवस्था में आपको भरपूर पानी पीना चाहिए| शरीर में पर्याप्त पानी होने से शरीर के तापमान को सामान्य रखने में मदद मिलती है| अपने भोजन में तरल पदार्थों; जैसे फलों का रस (जूस) आदि को शामिल कीजिये| ये तरल पदार्थ इन्फेक्शन (संक्रमण) को शरीर से बाहर निकालने में सहायक होते हैं|

आराम करने से शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को स्वस्थ होने में सहायता मिलती है| इन्फेक्शन (संक्रमण) से छुटकारा पाने के लिए बुखार को सही तरीके से कम किया जाना चाहिए|

कुछ घरेलू उपचारों को अपनाकर आप बुखार कम कर सकते हैं और इन उपचारों के कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते हैं|

यहाँ बुखार कम करने के सात रामबाण इलाज बताये जा रहे हैं|

विधि 1: अंडे के सफेद भाग के इस्तेमाल से

अंडे का सफेद भाग बुखार कम करने का एक प्राचीन घरेलू नुस्खा है| बुखार कम करने का यह एक जांचा-परखा उपचार है, लेकिन इसके कोई वैज्ञानिक तथ्य मौजूद नहीं हैं| अंडे का सफेद भाग पैर के तलवे की पसीना लाने वाली ग्रंथियों से शरीर की ऊष्मा को बाहर खींच लेता है|

आवश्यक सामग्री:

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अंडे के सफेद भाग से बुखार कम करने के लिए आवश्यक सामग्री

  • अंडे (शरीर की ऊष्मा को ग्रहण कर लेते हैं) – दो
  • ब्रश

1. अंडे के सफेद भाग को अलग कर लें

अण्डों के सफेद भाग को अलग निकाल लें

  • दोनों अण्डों को फोड़कर सफेद भाग को एक कटोरे में निकाल लें|

2. इसे फेंटकर पैरों के तलवों पर लगायें

अण्डों के सफेद भाग को पैरों के तलवों पर लगायें
बुखार कम करने के लिए अंडे का सफेद भाग काफी कारगर होता है
  • एक हैण्ड ब्लेंडर की सहायता से अण्डों के सफेद भाग को फेंट लें|
  • अब इसे ब्रश की सहायता से पैरों के तलवों पर लगायें| फिर आप पैरों को ढकने के लिए मोज़े पहन सकते हैं|
  • जब यह सूख जाए, तो तलवों पर सफेद भाग की एक और परत लगा लें|

इसे तब तक लगाते रहें, जब तक कि बुखार कम न हो जाए| यह बुखार का रामबाण इलाज है|

विधि 2: सफेद सिरके के इस्तेमाल से

आपको देर रात में बुखार आने पर रसोई में रखी सफेद सिरके की बोतल आपके काम आ सकती है| तेज बुखार को कम करने के लिए सफेद सिरका एक प्रभावी घरेलू नुस्खा होता है|

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आवश्यक सामग्री:

सफेद सिरके के इस्तेमाल के लिए आवश्यक सामग्री

  • सफेद सिरका (बुखार कम करने में सहायक) – एक से दो बड़े चम्मच (लगभग 15 से 30 मिली0)
  • लम्बे ऊनी मोज़े – एक जोड़ी

1. सफेद सिरके और पानी को मिला लें

पानी और सफेद सिरके को मिला लें

  • एक कटोरे में एक कप (लगभग 250 मिली0) पानी डालें|
  • इसमें एक से दो बड़े चम्मच सफेद सिरका डालकर अच्छे से मिला लें|

2. ऊनी मोजों को मिश्रण में डुबोएं

मिश्रण में ऊनी मोज़े डुबोएं

  • तैयार मिश्रण में ऊनी मोजों को अच्छी तरह से डुबो दें|
  • अब मोजों को बाहर निकालकर निचोड़ दें, ताकि अतिरिक्त मिश्रण मोजों से निकल जाये|

3. सफेद सिरके में भीगे मोजे से बुखार कम करें

इन मोजों से बुखार कम करें
सफेद सिरका बुखार कम करने का एक प्रभावी नुस्खा है
  • बुखार कम करने के लिए सफेद सिरके में भीगे हुए मोजों को पहन लें|
  • लगभग चालीस मिनट तक अगर बुखार कम नहीं होता है, तो मोजों को उतारकर सफेद सिरके के मिश्रण में भिगोकर फिर से पहन लें|

जब तक बुखार कम नहीं हो जाता, यह प्रक्रिया दोहराते रहिये| सफेद सिरका बुखार का रामबाण इलाज है|

विधि 3: प्याज

प्याज से बदबू जरूर आती है, लेकिन बुखार के इलाज के लिए यह एक अचूक नुस्खा है| ऐसा माना जाता है कि कटा हुआ प्याज वातावरण से बैक्टीरिया और वायरस को खींच लेता है| इसी प्रकार से जब प्याज के टुकड़े को मोजों के अंदर तलवों में रखा जाता है, तो यह शरीर के वायरस को खत्म कर देता है|

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आयुर्वेदिक उपचारों में बुखार और फ्लू को खत्म करने के लिए व्यक्ति की छाती पर प्याज का लेप लगाया जाता है| यहाँ बताये गए तरीके को परम्परागत विधि का आधुनिक रूप कहा जा सकता है|

प्याज को काटकर पैरों के तलवों पर रखिये

पैरों के तलवों पर कटा हुआ प्याज रखिये
प्याज; बुखार कम करने की एक सरल विधि है
  • एक प्याज के दो टुकड़े करके पैरों के तलवों पर रखें| प्याज के कटे हुए भाग को त्वचा से सटाकर रखें|
  • अब पैरों में मोज़े पहन लें|
  • प्याज को दो से तीन घंटे या पूरी रात तक ऐसे ही रखा रहने दें|

बुखार कम करने के लिए प्याज का इस्तेमाल कीजिये| यह एक सरल घरेलू उपचार है|

विधि 4: सेब का सिरका

सफेद सिरके की तरह सेब का सिरका भी एक घंटे के भीतर बुखार कम करने में सहायक है| बुखार ठीक होने में इतना समय इसलिए लगता है क्योंकि शरीर का तापमान तुरंत नहीं बदला जा सकता है|

सेब का सिरका शरीर में रक्त प्रवाह को बढ़ाकर तापमान को कम करता है| यह प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत करने में भी सहायक है|

आवश्यक सामग्री:

बुखार कम करने के लिए सेब के सिरके के इस्तेमाल के लिए आवश्यक सामग्री

  • सेब का सिरका (शरीर के तापमान को कम करता है) – आधा कप (लगभग 130 मिली0)
  • लम्बे ऊनी मोज़े – एक जोड़ी

1. सेब के सिरके और पानी को मिला लें

पानी और सेब के सिरके को मिला लें

  • एक कटोरे में एक कप (लगभग 250 मिली0) पानी डालें|
  • इसमें आधा कप सेब का सिरका डालें|
  • इन्हें अच्छी तरह से मिला लें|

2. मोजों को मिश्रण में डुबोएं

मिश्रण में मोजों को डुबोएं

  • सेब के सिरके के मिश्रण में मोजों को अच्छी तरह से डुबोएं|
  • अब मोजों को मिश्रण से निकालकर निचोड़ दें|

3. मोजों को पहन लें

इन मोजों को पहन लें
सेब का सिरका शरीर के रक्त प्रवाह को बढ़ाकर बुखार कम करता है
  • सेब के सिरके के मिश्रण में भीगे हुए मोजों को पैरों में ऊपर चढ़ाकर पहन लें|
  • ऐसा करने से शरीर का तापमान कम हो जाएगा|

आप आवश्यकतानुसार सेब के सिरके में भीगे हुए मोजों का इस्तेमाल कीजिये|

विधि 5: आलू

ऊपर बताई गयी विधियों की तरह ही बुखार कम करने के लिए कच्चे आलू के टुकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है| कच्चे आलू के टुकड़ों को सफेद सिरके में भिगोकर माथे पर रखकर बुखार कम किया जा सकता है|

आवश्यक सामग्री:

कच्चे आलू के इस्तेमाल के लिए आवश्यक सामग्री

  • कच्चे आलू के टुकड़े (बुखार कम करने में सहायक)
  • सफेद सिरका

1. आलू के टुकड़ों को सिरके में डालें

सिरके में आलू के टुकड़ों को डालें

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  • एक कटोरे में थोड़ा-सा सफेद सिरका निकाल लें| सिरका इतना होना चाहिए कि इसमें आलू के टुकड़े आसानी से डूब जाएँ|
  • आलू को छीलकर गोल पतले टुकड़ों में काट लें और सिरके में डाल दें| आलू के टुकड़ों को दो से तीन मिनट तक ऐसे ही रखा रहने दें|

2. सिरके में डूबे हुए आलू के टुकड़ों को माथे पर लगायें

आलू के टुकड़ों को माथे पर लगायें
बुखार कम करने के लिए आलू के टुकड़े काफी असरदार होते हैं
  • सफेद सिरके में डूबे हुए आलू के टुकड़ों को पंद्रह मिनट तक माथे पर रखिये|
  • बेहतर परिणाम पाने के लिए आप आलू के टुकड़ों को एक साफ कपड़े से ढक सकते हैं|

आलू के टुकड़े बुखार का रामबाण इलाज होते हैं|

विधि 6: कोल्ड कम्प्रेस

तेज बुखार को कम करने के लिए कोल्ड कंप्रेस का इस्तेमाल एक सामान्य तरीका है| जब तेज बुखार से तपती हुई त्वचा पर कोल्ड कंप्रेस लगाया जाता है, तो शरीर का तापमान कम हो जाता है|

1. साफ कपड़े को ठण्डे पानी में डुबोएं

ठण्डे पानी में साफ कपड़ा डुबोएं

  • एक कटोरे में ठण्डा पानी निकालें|
  • एक साफ कपड़े को ठण्डे पानी में एक से दो मिनट तक डुबोएं|
  • फिर इसे बाहर निकालकर निचोड़ दें, ताकि इसमें से अतिरिक्त पानी निकल जाये|

2. इस कपड़े को माथे पर लगायें

ठण्डे पानी में भिगोये गए कपड़े को माथे पर लगायें
कोल्ड कम्प्रेस के इस्तेमाल से शरीर का तापमान कम हो जाता है
  • ठण्डे पानी में भीगे हुए कपड़े को माथे पर रखें|
  • जब यह कपड़ा गर्म होने लगे, तो फिर से ठण्डे पानी में डुबोकर इस्तेमाल करें|

पंद्रह मिनट तक कपड़े को ठण्डे पानी में डुबोकर माथे पर लगाते रहें|

विधि 7: पेपरमिंट ऑयल

बुखार कम करने के लिए पेपरमिंट ऑयल का भी इस्तेमाल किया जाता है| पेपरमिंट ऑयल में पाया जाने वाला मेंथाल ठंडक प्रदान करके बुखार कम करने में सहायक है|

पेपरमिंट ऑयल एक एसेंशियल ऑयल होता है, जो तनाव को प्रभावी रूप से कम करता है, ताकि शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र इन्फेक्शन (संक्रमण) को कम कर सके| बुखार कम करने के लिए लैवेंडर एसेंशियल ऑयल के उपयोग की भी सलाह दी जाती है|

बच्चों के लिए एसेंशियल ऑयल के इस्तेमाल में इसे किसी अन्य तेल में मिलाकर डायल्यूट कर लेना चाहिए|

आवश्यक सामग्री:

पेपरमिंट ऑयल के इस्तेमाल के लिए आवश्यक सामग्री

  • पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल (इन्फेक्शन खत्म करता है) – पांच से छह बूँदें
  • जैतून का तेल (ऑलिव ऑयल) – दो छोटे चम्मच (लगभग 10 मिली0)

1. पेपरमिंट ऑयल और ऑलिव ऑयल को मिला लें

ऑलिव ऑयल और पेपरमिंट ऑयल को मिला लें

  • दो छोटे चम्मच जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) में पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल की पांच से छह बूँदें डालें|

2. इस मिश्रण को पैरों या गर्दन के पीछे के भाग में लगायें

मिश्रण को पैरों या गर्दन के पीछे के भाग में लगायें
पेपरमिंट ऑयल बुखार से तपते हुए शरीर को ठंडक प्रदान करता है
  • तेलों के इस मिश्रण को रुई की सहायता से पैरों के तलवों और गर्दन के पीछे के भाग पर लगायें|
  • आप तलवों पर यह मिश्रण लगाने के बाद मोज़े भी पहन सकते हैं|

आप बुखार का रामबाण इलाज अपनाइए|

सुझाव

  • अगर आपको बुखार के साथ सर्दी और कंपकंपी भी हो रही है, तो मोजों को भिगोकर इस्तेमाल करने वाली विधि का उपयोग न करें| आप किसी अन्य विधि का इस्तेमाल कर सकते हैं|
  • बुखार कम करने के लिए सफेद सिरके या सेब के सिरके में कपड़े को भिगोकर कलाई, माथे और पेट पर भी रखा जा सकता है|
  • तेज बुखार को कम करने के लिए ठण्डे पानी की विधि का इस्तेमाल गर्दन के पीछे के भाग पर भी किया जा सकता है|

 

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